Friday, 2 September 2011

चेहरा !

ये दर्द का कुहासा हटे तो,
चेहरा तेरा देखूं ज़रा ,
आँखों की नमी सूखे तो ,
तेरी छवि निहारूं  ज़रा !

वैसे तो बंजर पड़ी थी ,
अरसे से मन की ज़मीन ,
याद के बादल छटें तो ,
नयी फसल बोऊँ ज़रा !

ये दर्द का कुहासा हटे तो,
चेहरा तेरा देखूं ज़रा ,

यूँ तो हर बरस बुलाती रहीं ,                                             
पपीहे की पुकार भी ,
मैं ही अनमना रहा ,
डूबा सा, अपने गुमान में !

ये दर्द का कुहासा हटे तो,
चेहरा तेरा देखूं ज़रा ,



1 comment:

  1. BE A1 OM ( . ) Chehra hain ya , dimaag ka aaina , hain khoob gehri , baat yahaan , shabdon ki jaal bichaane waali , naam tera to pataa hain jaan ! _/*\_ ALLAH AMEN Z0

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